हिन्दी व्याकरण – Muhaware in Hindi
व्याकरण के इस लेख में हम मुहावरे किसे कहते हैं ? मुहावरे की परिभाषा, मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग के बारे में जानेंगे। Muhavare in Hindi से विभिन्न परीक्षाओं में सवाल पूछे जाते हैं, अतः यह लेख बहुत महत्वपूर्ण है। यहां प्रमुख और प्रसिद्ध मुहावरे सम्मिलित किए गए हैं।
मुहावरे किसे कहते हैं?
मुहावरा अरबी भाषा का शब्द है। जिसका अर्थ होता है
मुहावरे की परिभाषा
ऐसे वाक्यांश जो सामान्य अर्थ का बोध न कराकर विशेष लोक प्रचलित अर्थ बताते हैं, उन्हें मुहावरे कहते हैं।
हिन्दी मुहावरे (Hindi Muhaware)
मुहावरा : अंधे के हाथ बटेर लगना ।
अर्थ : अयोग्य व्यक्ति को सफलता मिलना।
वाक्य में प्रयोग : श्यामू दसवीं पास है फिर भी उसको सरकारी नौकरी मिल गई। यह तो – अंधे के हाथ बटेर लग गई।
मुहावरा : अपना उल्लू सीधा करना ।
अर्थ : बेवकूफ बनाकर काम निकालना।
वाक्य में प्रयोग : मोहन बहुत चालाक है। वह सभी सहपाठियों को मित्र बनाकर अपना उल्लू सीधा करता है।
1. अंधों में काना राजा – अज्ञानियों में अल्प ज्ञान वाले का आदर होना।
2. अक्ल का पुतला – बहुत अधिक बुद्धिमान।
3. अंधे की लकड़ी – एक मात्र सहारा।
4. अपने पैरों पर खड़ा होना – स्वावलंबी होना।
5. अक्ल के घोड़े दौड़ाना – कल्पनाएं करना।
6. अंग-अंग फूले ना समाना – बहुत अधिक आनन्दित होना।
7. अक्ल मारी जाना – बुद्धि भ्रष्ट होना।
8. अंधे के आगे रोना – निर्दयी व्यक्ति से दया की याचना करना।
9. अंग-अंग फूले ना समाना – आनन्दित होना।
10. अंधेर नगरी चौपट राजा – जहां अन्याय होता है।
11. अंगारों पर लोटना – क्रोधित होना।
12. अड़ियल टट्टू – रुक-रुक कर काम करना।
13. अंडे का शहजादा – अनुभवहीन।
14. अरमान निकालना – इच्छा पूरी करना।
15. अक्ल चरने जाना – बुद्धि की कमी होना।
16. अंग-अंग ढीला होना – बहुत थकना।
17. अंगारों पर पैर रखना – अपने को खतरे में डालना।
18. अंधेरे का दीपक – इकलौता बेटा।
19. अन्न जल उठ जाना – मृत्यु को प्राप्त होना या जीविका न रहना।
20. अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना – अपनी बढ़ाई स्वयं द्वारा करना।
21. अपना रंग जमाना – प्रभावित करना।
22. अपने पांवों पर कुल्हाड़ी मारना – जान-बूझकर आफत में पड़ना।
23. अक्ल के पीछे लट्ठ लेकर फिरना – मूर्खतापूर्ण कार्य करना।
24. आग बबूला होना – अत्यधिक क्रोधित होना।
25. आग में घी डालना – किसी के क्रोध को बढ़ाना।
26. आग में कूदना – खतरा मोल लेना।
27. आग उगलना – क्रोध प्रकट करना।
28. आकाश से बातें करना – बहुत बढ़ चढ़कर बातें करना।
29. आकाश के तारे तोड़ना – कठिन कार्य करना।
30. आकाश छूना – बहुत ऊंचा होना।
31. आसमान दिखाना – पराजित करना।
32. आकाश – पाताल एक करना – अत्यधिक परिश्रम करना।
33. आसमान पर चढ़ाना – अत्यधिक प्रशंसा करना।
34. आस्तीन का सांप होना – कपटी मित्र।
35. आधा तीतर आधा बटेर – बेमेल या बेढंगा होना।
36. आठ-आठ आंसू रोना – विलाप करना।
37. आग का पुतला – क्रोधी व्यक्ति।
38. आग लगने पर कुआं खोदना – पहले किए जाने वाले कार्य को उसी समय करना।
39. आग लगाकर तमाशा देखना – झगड़ा करवा कर आनंद लेना।
40. आटे दाल का भाव पता चलना – सांसारिक समस्याओं का ज्ञान होना।
41. ईंट का जवाब पत्थर से देना – दुष्ट व्यक्ति के साथ दुष्टता करना।
42. ईद का चांद होना – बहुत दिनों के बाद दिखाई देना।
43. इधर-उधर करना – टाल-मटोल करना।
44. उल्लू सीधा करना – अपना स्वार्थ सिद्ध करना।
45. उलटी गंगा बहना – परम्पराओं के विपरीत कार्य करना।
46. उड़ती चिड़िया के पंख गिनना – अत्यंत चतुर होना।
47. उलटे उस्तरे से मूंड़ना – पूरी तरह से ठगना।
48. उड़ती खबर – बे सिर पैर की बात।
49. उलटफेर होना – परिवर्तन करना।
48. उन्नीस बीस होना – बहुत कम अंतर होना।
49. ऊंट के मुंह में जीरा होना – आवश्यकता से कम मिलना।
50. ऊंचा सुनना – कम सुनना।
51. एड़ी-चोटी का पसीना एक करना – घोर परिश्रम करना।
52. उलटी पट्टी पढ़ाना – गलत शिक्षा देना।
53. उथल-पुथल मचाना – हलचल मचाना।
54. उंगली उठाना – आरोप लगाना।
55. एक आंख न भाना – तनिक भी अच्छा नहीं लगना।
56. एड़ी-चोटी का पसीना एक करना – घोर परिश्रम करना।
57. एक आंख से देखना – समान व्यवहार करना।
58. ओस के मोती – क्षणभंगुर।
59. ओखली में सिर देना – इच्छापूर्वक किसी झंझट में पड़ना।
60. काठ का उल्लू होना – मूर्ख होना।
61. कलम तोड़ना – बहुत सुंदर लेखन।
62. कमर कसना – दृढ़ संकल्प होना।
63. कलेजा मुंह को आना – घबराजाना।
64. करवटेंबदलना – बेचैन रहना।
65. कलेजे पर पत्थर रखना – दिल मजबूत करना।
66. कलई खुलना – पोल खुलना।
67. काला नाग होना – अत्यधिक खतरनाक होना।
68. काला अक्षर भैंस बराबर – निरक्षर होना।
69. कीचड़ उछलना – बदनाम करना।
70. कलेजे पर सांप लोटना – अंदर ही अंदर घबरा जाना।
71. कलेजा मुंह को आना – घबराजाना।
72. कलेजा ठंडाहोना – शांत होना।
73. किनारा करना – अलग होना।
74. कच्ची गोटी खेलना – अनुभवहीन होना।
75. कांटों में घसीटना – संकट में डालना।
76. कटे पर नमक छिड़कना – विपत्ति के समय और ज्यादा दुख देना।
77. कौड़ी कौड़ी जोड़ना – धीरे-धीरे करके पैसा जोड़ना।
78. कन्नी काटना – बचकर निकल जाना।
79. काम निकालना – अपना प्रयोजन सिद्ध करना।
80. कागजी घोड़े दौड़ाना – व्यर्थ की लिखावट करना।
81. किरकिरी होना – आनंद बिगड़ जाना।
82. कौड़ी काम की ना होना – किसी काम का ना होना।
83. किताब का कीड़ा होना – हर समय पढ़ते रहना।
84. खूंटे के बल कूदना – किसी दूसरे के भरोसे जोश दिखाना।
85. खुशामदी टट्टू होना – किसी की चापलूसी करना।
86. खाक में मिलना – बर्बाद हो जाना।
87. खरी खोटी सुनाना – भला बुरा कहना।
88. खेत रहना – युद्ध में मर जाना।
89. ख्याली पुलाव – केवल कल्पना करना।
90. खटिया में पडना – बीमार होना।
91. खटाई में पड़ना – व्यवधान में आ जाना।
Hindi Muhavare
92. गोबर गणेश होना – बुद्धिहीन होना।
93. गज भर की छाती होना – उत्साहित होना।
94. गांठ बांधना – पूर्ण रूप से याद रखना।
95. गागर में सागर भरना – थोड़े शब्दों में सब कुछ कहना।
96. गूलर का फूल होना – दुर्लभ चीज होना।
97. गुदड़ी का लाल होना – गरीबी में भी प्रतिभावान होना।
98. गुड गोबर होना – काम बिगाड़ देना।
99. गले का हार होना – अत्यंत प्रिय होना।
100. गले पड़ना – जबरदस्ती मुसीबत में पड़ना।
101. गाजर मूली समझना – निर्बल समझना।
102. गंगा नहाना – कठिन कार्य पूरा होना।
103. गिरगिट की तरह रंग बदलना – एक बात पर ना रहना।
104. गुड देकर मारना – कपटपूर्ण व्यवहार करना।
105. गढ़े मुर्दे उखाड़ना – पुरानी बातों का स्मरण करना।
106. गीदड़ धमकी देना – मन में डरते हुए ऊपर से दिखावटी क्रोध करना।
107. गुस्सा पीना – क्रोध सहकर का रह जाना।
108. घर का दीपक – यशस्वी पुत्र।
109. घर पर गंगा आना – बिना मेहनत के काम सिद्ध होजाना।
110. घोड़े बेचकर सोना – बेफिक्र होना।
111. घर का ना घाट का – कहीं का ना रहना।
112. घुट-घुट कर मरना – अंदर ही अंदर कष्ट सहना।
113. घाट घाट का पानी पीना – अनुभवी होना।
114. घी के दिए जलाना – खुशियां मनाना।
115. घाव पर नमक छिड़कना – किसी दुखी व्यक्ति को और दुखी करना।
116. घड़ों पानी पड़ना – शर्मिंदा होना।
” च ” से शुरू होने वाले मुहावरे और उनके अर्थ
117. चिकना घड़ा होना – किसी बात का असरना होना।
118. चार चांद लगाना – किसी की शोभा को और अधिक बढ़ा देना।
119. चार दिन की चांदनी – क्षणभर का सुख।
120. चांद का टुकड़ा होना – बहुत अधिकसुंदर।
121. चलती गाड़ी में रोडा अटकाना – बने बनाए काम को रोक देना।
122. चकमा देना – धोखादेना।
123. चींटी के पर निकलना – मृत्यु के समीप होना।
124. चूना लगाना – नुकसान देना।
125. चोरी और सीना जोरी – अपराध करके अकड़ना।
126. चौदहवीं का चांद होना -: बहुत सुंदर होना।
127. चुपड़ी चुपड़ी और दो दो – सभी ओर से लाभ ही लाभ।
128. चूड़ियां पहनना – औरतों की भांति डरपोक होना।
129. चोली दामन का साथ होना – घनिष्ठ मित्रता होना।
130. चैन की बंसी बजाना – सुख से समय व्यतीत करना।
131. चेहरे की हवाईयां उड़ना – उदास होना।
132. चुल्लू भर पानी में डूबे मरना – अत्यंत लज्जित होना।
133. छाती पर मूंग दलना – कष्ट देना।
134. छप्पर फाड़ कर देना – अनायास लाभ होना।
135. छाती पर सांप लोटना – ईर्ष्या करना।
136. छक्के छुड़ाना – खूब परेशान करना।
137. छूमंतर होना – गायब हो जाना।
138. छाती ठोकना – विश्वास दिलाना।
139. छक्के छुड़ाना – खूब परेशान करना।
140. छोटा मुंह बड़ी बात – योग्यता से बढ़कर बोलना।
141. छक्का पंजा भूल जाना – दांव पेंच भूल जाना।
142. छठी का दूध याद आना – घोर संकट में पड़ जाना।
143. जंगल में मंगल करना – शून्य स्थान को भी आनंदमय बना देना।
144. जबान को लगाम लगा देना – सोच समझकर बोलना।
145. जमीन पर पैर न पड़ना – अभिमानी होना।
146. जीती मक्खी निकालना – जानबूझकर झूठ बोलना।
147. जहर का घूट पीना – कडवी बात सहन करना।
148. जी चुराना – किसी काम से भागना।
149. जूतियां चाटना – खुशामद करना।
150. जल्दी आग में घी डालना – झगड़ा बढ़ता।
151. जमीन में गड़ना – शर्म से सिर नीचा होना।
152. जूतियां में दाल बांटना – झगड़ा होना।
153. जमीन आसमान एक करना – बहुत मेहनतकरना।
154. जी का गुब्बार निकालना – मां के असंतोष को व्यक्त करना।
155. जस्थली में खाना उसी में छेद करना – कृतघ्न होना।
156. जान के लाले पडना – प्राण संकट में पड़ना।
157. जहर उगलना – चुभने वाली बात कहना।
158. जली कटी सुनाना – बुरा भला कहना।
159. टेढ़ी खीर होना – कठिन काम होना।
160. टच से मस न होना – अरुण विनय से न पसीजना।
161. टका सा जवाब देना – तुरंत अस्वीकार कर देना।
162. टुकड़ों पर पलना – दूसरों की कमाई पर गुजारा करना।
166. टोपी उछालना – अपमानित करना।
167. ठगा सा रहना – भौंचक्का रहना।
168. टका सा मुंह लेकर रह जाना – लज्जित होना।
169. टक्कर लेना – मुकाबलाकरना।
170. टेढ़े उंगली से घी निकालना – चालाकी से काम निकालना।
171. ठकुर सुहाती बातें करना – हां में हां मिलाना।
172. डंका बजाना – ख्याति प्राप्त करना।
173. डंका मारना – कटु वचन बोलना।
174. डींग हांकना – शेखी बघारना।
175. डेड चावल की खिचड़ी पकाना – अलग-अलग होकर कामकरना।
176. डूबते को तिनके का सहारा – संकट में पड़े को थोड़ी मदद मिलना।
177. डंडी मारना – कम तौलना।
178. डोरे डालना – प्रेम में फंसाना।
179. ढिंढोरा पीटना – प्रचार करना।
180. ढाक के तीन पात – सदा एक सा रहना।
181. ढेर होना – मर जाना।
182. तेली का बैल होना – हर समय काम में लगे रहना।
183. तीर मारना – बड़ा कामकरना।
184. तवे की बूंद होना – तुरंत नष्ट हो जाना।
185. ताड लेना – समझजाना।
186. ताना मारना – व्यंग्यपूर्ण वचन बोलना।
187. तलवा चाटना – खुशामद करना।
188. ताक पर रखना – उपयोगिता कम होने पर हटा देना।
189. तीन तेरह करना – तितर बितर करना।
190. तंग हाथ होना – निर्धन होना।
191. तूती बोलना – बहुमत होना।
192. थाली का बैंगन होना – अवसरवादी होना।
193. थू-थू होना – बेइज्जती होना।
194. थूककर चाटना – अपनी बात से मुकर जाना।
195. थाह लेना – भेद मालूम करना।
196. दाल न गलना – बस न चलना।
197. दिन में तारे दिखाई देना – घोर संकट में पडना।
198. दिल छोटा करना – हतोत्साहित करना।
199. दिया तले अंधेरा – अपने दोष स्वयं देखना।
200. दुम दबाकर भागना – डरकर भगाना।
201. दूर के ढोल सुहावने लगा – अनदेखी वस्तु भाना।
202. दाई से पेट छुपाना – जानकारी से बात छुपाना।
203. दाल गलना – कामयाब होना।
204. दूध का दूध और पानी का पानी – उचित निर्णय करना।
205. दो नावों पर सवार होना – दोनों तरफ रहना।
207. दर-दर की ठोकर खाना – कष्ट उठाना।
208. दो टूक जवाब देना – साफ साफ कहना।
210. दाल में काला होना – संदेह की बात होना।
211. दिल दरिया होना – उदार होना।
212. धूप में बाल सफेद होना – अनुभवहीन होना।
213. धरती पर पांव न रखना – घमंडी होना।
214. धोबी का कुत्ता घर का ना घाट का – किसी काम का न होना।
215. निन्यानवे के फेर में पड़ना – धन संग्रह में लगे रहना।
216.नौ-दो ग्यारह होना – गायब हो जाना।
217. नानी के आगे ननिहाल की बातें करना – अधिक ज्ञानी के आगे ज्ञान की बातें करना।
218. नसीब चमकना – भाग्य चमकना।
219. नेकी और पूछ-पूछ – बिना कहे ही भलाई करना।
220. नमक अदा करना – फर्ज पूरा करना।
221. नींद हराम होना – तंग होना।
222. नदी नाव संजोग – मुलाकात जो काफी यादगार हो।
223. पलक बिछाना – स्वागत के लिए उत्सुक होना।
224. नमक मिर्च लगाना – बढ़ा चढ़ाकर कहना।
225. पहेली बुझाना – घुमा फिरा कर बात करना।
226. पहाड़ टूट पड़ना – भारी विपत्ति आ जाना।
227. पसीने पसीने-पसीने होना – घबरा जाना।
228. पगड़ी उछालना – बेइज्जत करना।
229. पापड़ बेलना – कष्ट उठाना।
230. पानी पीकर जात पूछना – काम निकालने के बाद सोचना।
231. पानी पानी होना – अत्यधिक लज्जित होना।
232. पांच उंगलियां घी में होना – सभी तरह से लाभ ही लाभ होना।
233. प्राण पखेरू उड़ना – मर जाना।
234. पानी में आग लगाना –असंभव को संभव बनाना।
235. पांव फूंक फूंक कर रखना – अत्यधिक सावधानी बरतना।
236. पीठ दिखाना – धोखा देना।
237. पेट में चूहे कूदना – अत्यधिक भूख लगना।
238. पौ बारह होना – लाभ ही लाभ होना।
239. पानी का बुलबुला – क्षणभंगुर वस्तु।
230. फूलना फलना – उन्नति करना।
231. फूटी आंख न देखना – घृणा करना।
232. फब्तियां कसना – ताना मारना।
233. फूंक-फूंक कर कदम रखना – सावधान होकर काम करना।
234. फूला ना समाना – काफी खुश होना।
235. बगुला भगत होना – ठग होना।
236. बेसिर पैर की बात – निराधार बात।
237. बाल के खाल निकालना – तर्क वितर्क करना।
238. बाल भी बांका न होना – साफ साफ बच जाना।
239. बहती गंगा में हाथ धोना -: अवसर का लाभ उठाना।
240. बाएं हाथ का खेल – बहुत सरल कार्य।
241. बांछे खिलना – अत्यंत प्रसन्न हो जाना।
242. बच्चों का खेल होना – अत्यंत सरल कार्य।
243. बिल्ली के गले में घंटी बांधना – स्वयं को मुसीबत में डालना।
244. बालू की भीत -: क्षणभंगुर होना।
245. बाग- बाग होना – अत्यधिक प्रसन्न होना।
246. बसंत की कोकिला – वैभवशाली का गुणगान करने वाला।
247. बीड़ा उठाना – कार्य करने का संकल्प लेना।
248. बल्लियां उछलना – अत्यंत प्रसन्न होना।
249. बात का धनी – वायदे का पक्का।
250. बंदर घुड़की देना – धमकाना।
251. भीगी बिल्ली होना – सहम जाना।
252. भूत सवार होना – किसी बात की जिद करना।
253. भगीरथ प्रयास – असाधारण प्रयत्न करना।
254. भांड़ा फूटना – पोल खुल जाना।
255. भनक पड़ना – उड़ती हुई खबर सुनना।
Muhavare in Hindi
256. मन मसोसना – विवश होना।
257. मिट्टी कर देना – चौपट कर देना।
258. मखमली जूते मारना – मीठी बातों से लज्जित करना।
259. मिट्टी में मिला देना – नष्ट कर देना।
260. मीन मेख निकालना – कमियां निकालना।
261. मिट्टी के मोल बिकना – बहुत सस्तीवस्तु बिकना।
262. मन मैला करना – मन खिन्न होना।
263. मुट्ठी में करना – वंश में करना।
264. मैदान मारना – लड़ाई या प्रतियोगिता में जीतना।
265. मन के लड्डू – ख्यालों में प्रसन्नता।
266. यश गाना – प्रशंसा करना।
267. रफूचक्कर होना – भाग जाना।
268. रंग बदलना – परिवर्तन आना।
269. रसातल में चला जाना – एकदम नष्ट हो जाना।
270. राई का पहाड़ बनाना – छोटी बात को बढ़ा देना।
271. रास्ते पर चलना – सुमार्ग पर चलना।
272. रंग जमाना – धाक जमाना।
273. रंग में भंग पड़ना – आनन्द में विघ्न पड़ना।
274. लट्टू होना – मुग्ध होना।
275. लुटिया डुबोना – काम बिगाड़ना।
276. लाख टके की बात कहना – बहुत उपयोगी बात कहना।
277. लोहे के चने चबाना – कठिन कार्य करना।
278. लंगोटिया यार होना – गहरी मित्रता होना।
279. लाल पीला होना – गुस्सा आना।
280. लकीर का फकीर होना -: परम्पराओं का अनुकरण करना।
281. लाले पड़ना – मोहताज होना।
282. शर्म से पानी-पानी होना – बहुत अधिक लज्जित होना।
283. शेर की सवारी करना – खतरनाक काम करना।
284. श्रीगणेश करना – आरम्भ करना।
285. शेखी बघारना – डींग हांकना।
284. सोने पर सुहागा – अच्छे से अच्छा होना।
285. सिक्का जमाना – प्रभुत्व जमाना।
286. सिंहावलोकन – आगे बढ़ते हुए पीछे की बातों पर नजर डालना।
287. सब धान बाईस पसेरी – सबके साथ एक सा व्यवहार करना।
288. सब्ज बाग दिखाना – बड़ी-बड़ी आशाएं दिखाना।
289. सूरज को दीपक दिखाना – प्रसिद्ध व्यक्ति का परिचय देना।
290. सीधे मुंह बात न करना – घमंड करना।
291. सुर्खाव का पर लगाना – विशिष्ट होना।
292. सितारा चमकना – भाग्य बुलन्द होना।
293. सांप छछूंदर जैसी हालत – दुविधा में पड़ना।
294. सिक्का जमाना – प्रभुत्व जमाना ।
295. समझ पर पत्थर पड़ना – विवेक नष्ट होना।
296. हवा से बातें करना – बहुत तेज गति से चलना।
297. हथियार डालना – हार मान लेना।
298. हाल पतला होना – आर्थिक स्थिति खराब होना।
299. हथेली पर सरसों उगाना – तत्काल कार्य करने का प्रयास करना।
300. हजामत बनाना – ठगना।
301. हक्का बक्का रह जाना – आश्चर्य चकित रह जाना।
302. हवाई किले बनाना – काल्पनिक बात करना।
Muhaware in Hindi
Q. 1. दांतों तले उंगली दबाना मुहावरे का अर्थ है?
(अ) प्रभाव जमाना
(ब) उंगली को काटना
(स) आश्चर्य चकित होना
(द) दुख प्रकट करना
उत्तर – (स) आश्चर्य चकित होना।
Q. 2. आग में घी डालना मुहावरे का अर्थ होगा?
(अ) आहूति देना
( ब) हवन करना
(स) अपमान करना
(द) क्रोध भड़काना
उत्तर – (द) क्रोध भड़काना।
Q. 3. गागर में सागर भरना मुहावरे का भावार्थ बताइए?
(अ) छोटी गगरी में बहुत पानी भरना
(ब) सागर में से गागर में पानी भरना
( स) बहुत कम शब्दों में महत्वपूर्ण बात कहना
(द) बहुत महत्वपूर्ण कार्य करना
उत्तर – (स) बहुत कम शब्दों में महत्वपूर्ण बात कहना ।
Q. 4. अपने पैरों पर खड़ा होना का क्या अर्थ होता है?
(अ) अपने पैरों से चलना
(ब) सावधान होकर चलना
(स) आत्मनिर्भर होना
(द) लकड़ी के सहारे चलना
उत्तर – (स) आत्मनिर्भर होना।
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