हिन्दी भाषा में “अंधों में काना राजा” प्रसिद्ध मुहावरा है। इस ( Andho Main Kana Raja Hona) मुहावरे का प्रयोग हम आम बोलचाल में करते रहते हैं। यह मुहावरा सभी कक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य पाठकों को उपयोगी है। इस पोस्ट में अंधों में काना राजा होना मुहावरे का अर्थ क्या है, परिभाषा, वाक्य में प्रयोग इसकी उदाहरण सहित व्याख्या समझिए
अर्थ/ मतलब : ( Muhaware in Hindi)
हिन्दी भाषा में हर शब्द का एक मनोरंजक अर्थ होता है। यहां साधारण बोलचाल में ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जिनका एक विशेष अर्थ होता है। भाषा ग्रामीण अंचल की होती है लेकिन उसका अर्थ अपने आप में अद्वितीय होता है। ऐसे शब्दों से बने हुए वाक्य या वाक्यांश मुहावरे (Muhaware in Hindi) या लोकोक्ति कहलाते हैं।
ऐसा ही एक प्रसिद्ध मुहावरा है “अंधों में काना राजा” ।
इसका प्रयोग ऐसे स्थान पर किया जाता है, जहां लोग कम ज्ञान रखते हैं और उनके बीच में एक थोड़े ज्ञान वाला व्यक्ति हो तो वे सभी उसकी बात पर भरोसा करते हैं।
मूर्ख लोगों के बीच कोई कोई अल्प बुद्धि व्यक्ति उपस्थित हो तो वह वहां सम्मान पाता है। मान लीजिए किसी गांव में कोई भी व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं और कोई एक आदमी थोड़ा ज्ञान रखता है। तो उस गांव के लोग उसे अपने में अधिक सम्मान देते हैं। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उससे सलाह हैं।
किसी क्षेत्र में या गांव में सभी व्यक्ति अयोग्य है लेकिन एक व्यक्ति थोड़ी योग्यता रखता है, तो उस जगह पर उसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। जैसे किसी क्षेत्र विशेष के लोग खाट बुनना नहीं जानते, लेकिन एक रामलाल नाम व्यक्ति खाट बुनना जानता है। सारे क्षेत्र वह इसके लिए विख्यात है। वह व्यक्ति उस क्षेत्र विशेष में बहुत सम्मान पाता है।
ऊपर बताए गए कथन में मूर्ख का मतलब पागल से नहीं है। यहां मूर्ख का मतलब है किसी क्षेत्र विशेष या किसी विषय में उसे जानकारी नहीं होती है, अज्ञान होता है।
1. एक गांव था। वहां के सभी लोग अनपढ़ थे। वहां घीसालाल नामक व्यक्ति को थोड़ा अक्षर ज्ञान था। वह पत्र पढ़ना, नाम लिखना जानता था। गांव के सभी लोग चिट्ठी पढ़वाने और अन्य कार्यों के लिए घीसालाल के पास आते हैं। घीसालाल उस गांव में अंधों में काना राजा के समान लोकप्रिय था।
2. दसवीं कक्षा में सभी छात्र गणित में कुछ नहीं जानते लेकिन मोहन गणित में छोटे सवालों को हल कर लेता है। सभी साथी इससे हमेशा उसका सम्मान करते थे। वे मोहन को हर समय प्रसन्न रखते। सभी साथी मोहन के सानिध्य में रहकर गणित में अपनी जानकारी बढ़ाने लगे। इस प्रकार मोहन अपनी कक्षा में “अंधों में काना राजा” के समान है।
3. एक गांव में केवल प्रीति नाम की लड़की स्वेटर बुनना जानती है। वह उस गांव में सभी के सामने “अंधों में काना राजा” के समान अन्य महिलाओं के बीच सम्मान पाती है।
4. एक विद्यालय में सभी शिक्षक कम्प्यूटर के बारे में अनजान है। उनको कम्प्यूटर की जानकारी नहीं है। लेकिन एक अध्यापक थोड़ा बहुत जानकारी रखता था। वहीं विद्यालय के छोटे मोटे काम को कम्प्यूटर पर कर लेता। वह अध्यापक विद्यालय में “अंधों में काना राजा” के समान था।
5. शुरुआत में जब मोबाइल का प्रचलन हुआ, तो व्यक्ति ने मोबाइल फोन खरीदा। उसके अलावा किसी के पास मोबाइल नहीं था। किसी गांव वाले को बात करनी होती तो उसके पास आते और कहीं दूसरी जगह पर मोबाइल से बातें करते। वह व्यक्ति उस गांव में अंधों में काना राजा के समान सम्मान पाता था।
6. एक गांव शहर से काफी दूर था। वहां कोई व्यक्ति यदि बीमार पड़ जाए तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए एक गोपेश नाम का लड़का शहर में एक डाक्टर के यहां रहता था।
वह थोड़ा बहुत कुछ दवाईयों के बारे जानकार हो गया। अब वह अपने गांव में लोगों को दवाई देने लगा अर्थात वहां मरीजों का इलाज करने लगा। सभी गांव के लोग उसके वहां इलाज कराते। गोपेश पूरे में अंधों में काना राजा के समान हो गया।
7. एक गांव एक महीप नाम का व्यक्ति था। वह मोटरसाइकिल मैकेनिक का काम करता था। उसके अलावा वहां कोई मोटरसाइकिल का मैकेनिक नहीं था। उस गांव में किसी व्यक्ति की बाइक खराब हो जाती तो लोग उसी के पास बाइक ठीक कराने आते। महीप उस गांव में अंधों में काना राजा के समान सम्मान पाता है।
8. एक बार चार दोस्त रोजगार के लिए शहर गए। उनमें से केवल एक व्यक्ति पढ़ा लिखा था, जिसका नाम था ज्ञानी। वह उनके लिए बाजार का सारा खाने पीने का सामान खरीद कर लाता। लेकिन उसकी एक खासियत थी कि वह कभी बेईमानी नहीं की।
इस बात से अन्य तीनों मित्र परिचित थे कि ज्ञानी ईमानदार व्यक्ति है। वे सभी उसका बहुत सम्मान करते थे। ज्ञानी उन सभी के स्वभाव से खुश था। ज्ञानी के शिक्षित होने की वजह से वे शहर में नौकरी कर पा रहे थे। ज्ञानी उन सब में “अंधों में काना राजा के समान था।
समाज में शिक्षित व्यक्ति का हमेशा सम्मान होता है। कोई व्यक्ति थोड़ा बातचीत करने में निपुण हो तो गांव के हर व्यक्ति को अपनी बातों से आकर्षित कर लेता है। और सभी उसका बढ़-चढ़कर सम्मान करते हैं। विद्या और बुद्धि हमेशा सम्मान पाती है।
Muhaware in Hindi
“अंधों में काना राजा होना” मुहावरे से हमें शिक्षा लेनी चाहिए कि बच्चों को कभी अनपढ़ नहीं रखना चाहिए। कभी-कभी अनपढ़ व्यक्ति से पढ़ा-लिखा व्यक्ति बेईमानी कर देता है। अनपढ़ व्यक्ति शहर में अपने कार्य को करके नहीं लि सकता है। वह यात्रा भी कठिनाई से कर पाता है।
अतः हमें सभी को अनिवार्य रूप से पढ़ाना चाहिए। सरकार ने भी शिक्षा नीति में परिवर्तन करके अनिवार्य शिक्षा को लागू कर रखा है जिससे कि कोई अनपढ़ न रहे। अतः शिक्षा अवश्य प्राप्त करें और लोगों को प्रेरित करें।
हम आशा करते हैं कि आपको यह मुहावरा “अंधों में काना राजा होना” का अर्थ, वाक्य प्रयोग, व्याख्या और हमें क्या शिक्षा मिलती है, इन सभी बातों को भली-भांति समझ गए होंगे। यदि आपको किसी प्रकार की कोई शंका या सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं। आपको उचित जवाब देने का प्रयास किया जाएगा।
धन्यवाद
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